लखीमपुर खीरी :करवा चौथ पत्नियों द्वारा पति की लंबी आयु के लिए मनाया जाने वाला पर्व लखीमपुर खीरी में परंपरागत ढंग से मनाया गया।

लखीमपुर खीरी :करवा चौथ पत्नियों द्वारा पति की लंबी आयु के लिए मनाया जाने वाला पर्व लखीमपुर खीरी में परंपरागत ढंग से मनाया गया।

लखीमपुर खीरी :करवा चौथ पत्नियों द्वारा पति की लंबी आयु के लिए मनाया जाने वाला पर्व लखीमपुर खीरी में परंपरागत ढंग से मनाया गया।

इस दौरान पत्नियों ने अपने पतियों की लंबी आयु के लिए व्रत रखा और रात्रि के समय अपने पतियों का चेहरा छलनी से देखकर व्रत तोड़ा उसके बाद धार्मिक पूजा पाठ और अनुष्ठान संपन्न किए गए।आपको बताते चलें कि पतियों की लंबी आयु एवं आस्था और विश्वास का प्रतीक करवा चौथ का व्रत की कथा श्री कृष्ण ने द्रौपदी को सुनाई थी।
कथा करवा चौथ दो शब्दों से मिलकर बना है। करवा यानि मिट्टी का बर्तन और चौथ यानी चतुर्थी। इस त्योहार पर मिट्टी के बर्तन यानी करवे का विशेष महत्व माना गया है। सभी विवाहित स्त्रियां साल भर इस त्यौहार का इंतजार करती हैं। और इसकी सभी विधियां को बड़े श्रद्धा भाव से पूरा करती हैं। करवा चौथ का त्यौहार पति पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्यार और विश्वास का प्रतीक है। श्री कृष्ण भगवान की आज्ञा मानकर द्रोपती ने करवा चौथ का व्रत रखा था। इस व्रत के प्रभाव से ही अर्जुन सहित पांचों पांडवों ने महाभारत के युद्ध में कौरवों की सेना को पराजित कर विजय हासिल की थी।

 

लखीमपुर निवासी रेलकर्मी पंकज कुमार ने बताया कि हर वर्ष मे मेरी धर्म पत्नी इस त्यौहार को और पर्व से अलग हटकर मनाती है मै भी अपनी पत्नी धर्म निभाते हुए उसके इस पर्व को मनाने मे पूरी सहायता करता हूँ इससे हम पति पत्नि मे और भी ज्यादा प्रेम बढ़ता है घर परिवार के साथ रीति रिवाज से ये पर्व हम लोग मनाते है ।

पंकज जी की धर्म पत्नी रिम्मी देवी कहती हैं कि मैं हर वर्ष पूरी श्रद्धा से अपने पति के लिए व्रत रखती हूं, व उनकी लम्बी उम्र और कामयाबी की कामना करती हूं

 

मेरे पति मेरे हर सुख दुख में साथ देते हैं और मैं धन्य हूँ मुझे ऐसा जीवनसाथी मिला मैं अपने जीवन मे बहुत खुश हूं,मैं हमेशा करवा चौथ का व्रत रखने के लिए लालायित रहती हूं

लेखक- अमित कुमार✍️

एक सोच एक आवाज़

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