होली और शबे-बारात पर्व को देखते प्रशानिक बैठकों का सिलसिला जारी — धर्मगुरुओं की बैठक में सामाजिक सद्भाव की DM की अपील — सिंथेटिक रंगों से बचने की CMO ने की अपील –

होली और शबे-बारात पर्व को देखते प्रशानिक बैठकों का सिलसिला जारी

धर्मगुरुओं की बैठक में सामाजिक सद्भाव की DM की अपील

सिंथेटिक रंगों से बचने की CMO ने की अपील

मिर्जापुर । होली के अवसर पर जलने वाली होलिका में कोरोना वायरस को भी जला देने की कवायद में जिला प्रशासन खाका तैयार कर रहा है। इस सिलसिले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मंथन-बैठक के साथ अपीलें भी की जा रही हैं।
मंगलवार, 23/5 को DM श्री प्रवीण कुमार लक्षकार धर्मगुरुओं एवं प्रबद्ध लोगों से जिला-पंचायत में रूबरू हुए और दोनों पर्वों को स्नेह-प्रेम के साथ मनाने में सहयोग की आकांक्षा व्यक्त की तो गुरुवार को CDO श्री अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राष्ट्रीय एकीकरण समिति की बैठक में होली को पवित्र ढंग से मनाने की अपील भी की तो चेतावनी भी दी कि जिले की सामाजिक एकता पर कोई कुठाराघात करेगा तो जिला-प्रशासन उसकी विधिक कुटाई भी कर देगा।

होलिका-दहन और शबे-बारात एक ही समय

इस वर्ष होलिका-दहन और शबे-बारात का पर्व एक ही दिन और एक ही समय पर पड़ रहा है। सूर्यास्त से 12:40 मध्यरात्रि तक होलिका-दहन का मुहूर्त है तो शबे-बारात पर स्वजनों के कब्रगाह पर अल्पसंख्यक समुदाय दीया-बाती करता है। उसका भी समय मग़रीब के नमाज (सूर्यास्त के तत्काल बाद) के बाद से शुरु होता है। अतः यह प्रस्ताव बैठक में आया कि 7 से 9:30 तक होलिका दहन हो जाए तथा इसके बाद 12 बजे तक मजारों पर दीया-बाती हो। इससे दोनों समुदाय सुविधानुसार पर्व मना लेगा।

रंगों में सेनिटाइजर लिक्विड न डालें- CMO डॉ गुप्ता

कोरोना को देखते होली खेलते वक्त रंग की पिचकारी में सेनिटाइजर लिक्विड डालने के संबन्ध में पूछे जाने पर CMO डॉ प्रभु दयाल गुप्ता ने कहा कि ऐसा करना उचित नहीं क्योंकि रंगों का स्वरूप क्या है, यह जनसामान्य नहीं जानता। सिंथेटिक और केमिकलयुक्त रंगों के साथ लिक्विड का असर खतरनाक हो जाएगा। इससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। एक प्रश्न में उन्होंने कहा कि होलिका में टायर-ट्यूब, कूड़ा-करकट से वायु-प्रदूषण बढ़ेगा। डॉ गुप्त ने कोरोना को देखते हुए सजग रहकर होली मनाने की अपील की।

गुझिया का खोया चेक हो और पालीथिन पर नियंत्रण हो

एकीकरण समिति की बैठक में उक्त संबन्ध में आवाज उठी कि प्रशासन होली के पहले तेज चेकिंग करे एवं जगह-जगह बिक रहे सिंथेटिक रंगों पर लगाम लगाए । यह मुद्दा भी उठा कि ठंडई पीने से सर्दी-बुखार की क्या संभावना बढ़ती है ? इसपर भी खुद के स्वास्थ्य को देखते सेवन की सलाह दी गई।

सलिल पांडेय, मिर्जापुर।

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