कोरोना वायरस से जंग के लिए मरीजों के लिए बनेंगे 5 हजार कमरे, 600 हुए तैयार

नई दिल्ली: सीएसआर के जरिए देशभर में 600 कमरे कोरोना से संक्रमित मरीजों और संदिग्धों के लिए तैयार कर लिए गए हैं। आने वाले दिनों में नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई में ऐसे 5000 कमरे बनाए जाएंगे। इनमें के करीब 50 फीसदी कमरे जरूरतमंदों को मुफ्त दिए जाएंगे। वहीं, बाकी कमरों के लिए उन लोगों से शुल्क वसूला जाएगा, जो भुगतान में सक्षम हैं।
भारत में अपोलो हॉस्पिटल ने ओयो रूम्स, फैब होटल्स, लेमन ट्री और जिंजर के साथ मिलकर करीब 5000 ऐसे कमरे बनाने पर काम शुरू कर दिया है, जो बड़े शहरों में मरीजों व संदिग्धों को पृथक रखने की सुविधा देंगे। यहां आइसोलेशन में रखे गए लोगों के लिए अपोलो टेलीमेडिसिन नेटवर्क फाउंडेशन की तरफ से दवाओं का इंतजाम किया जाएगा। वहीं, वित्तीय जरूरत का ख्याल भारतीय स्टेट बैंक, ड्यूश बैंक और एचयूएल रखेंगे। होटल कंपनियों की जगह का इस्तेमाल पृथक कमरों के रूप में किया जाएगा। इन कमरों में बीमार व्यक्ति को जरूरत से जुड़ी तमाम वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ऐसे मिलेगी सुविधा: कोरोना से प्रभावित क्षेत्रों के यात्रा इतिहास या फिर संक्रमित के संपर्क में आने की हालत में कोई भी व्यक्ति अपोलो अस्पताल की वेबसाइट पर कमरे की उपलब्धता के बारे में पता कर सकता है। तीन घंटे के भीतर व्यक्ति को उपलब्धता के बारे में बता दिया जाएगा। अपोलो की तरफ से इससे जुड़े सभी हितधारकों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
होटल में इलाज: जैसे ही प्रभावित व्यक्ति क्वारंटाइन के लिए होटल में जाएगा, उसकी सघन जांच की जाएगी। साथ ही संक्रमण से जुड़े सभी पहलुओं के बारे में बताया जाएगा। उसे यह भी निर्देश दिया जाएगा कि क्या करना है और क्या नहीं? टेलीमेडिसिन के जरिये मोबाइल ऐप पर डॉक्टरी सलाह हर समय उपलब्ध रहेगी। दवाओं की उपलब्धता और टेस्ट की भी सुविधा वहीं दी जाएगी।
इस स्थिति में भेजा जाएगा अस्पताल: तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ या फिर कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूरत में अगर जरूरत पड़ी तो मरीजको अस्पताल में शिफ्ट करने की भी व्यवस्था की जाएगी। आइसोलेशन की अवधि पूरी होने के बाद यदि व्यक्ति की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है और विशेषज्ञ इजाजत देते हैं तो उसे जरूरी डॉक्टरी सलाह, दवाओं के साथ घर भेज दिया जाएगा।
होटल में इलाज: जैसे ही प्रभावित व्यक्ति क्वारंटाइन के लिए होटल में जाएगा, उसकी सघन जांच की जाएगी। साथ ही संक्रमण से जुड़े सभी पहलुओं के बारे में बताया जाएगा। उसे यह भी निर्देश दिया जाएगा कि क्या करना है और क्या नहीं? टेलीमेडिसिन के जरिये मोबाइल ऐप पर डॉक्टरी सलाह हर समय उपलब्ध रहेगी। दवाओं की उपलब्धता और टेस्ट की भी सुविधा वहीं दी जाएगी।
इस स्थिति में भेजा जाएगा अस्पताल: तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ या फिर कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूरत में अगर जरूरत पड़ी तो मरीजको अस्पताल में शिफ्ट करने की भी व्यवस्था की जाएगी। आइसोलेशन की अवधि पूरी होने के बाद यदि व्यक्ति की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है और विशेषज्ञ इजाजत देते हैं तो उसे जरूरी डॉक्टरी सलाह, दवाओं के साथ घर भेज दिया जाएगा।
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