केंद्र सरकार की किसान विरोधी दमनकारी नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा (प्रदेश अध्यक्ष) पं. सचिन शर्मा

केंद्र सरकार की किसान विरोधी दमनकारी नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा (प्रदेश अध्यक्ष) पं. सचिन शर्मा

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आज भारतीय किसान यूनियन अंबावता द्वारा पूरे प्रदेश में चक्का जाम।

2 अक्टूबर को राजघाट लाल बहादुर शास्त्री जी की समाधि पर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ महापंचायत का आयोजन किया जाएगा जिसमें पूरे देश का किसान हिस्सा लेगा

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आज भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने केंद्र सरकार की किसानों के लिए गलत अध्यादेशों को लागू करने के विरोध में साहिबाबाद भोपुरा तिराहा में चक्का जाम किया और जमकर नारेबाजी की यूनियन ने अपने ज्ञापन में किसानों से संबंधित कई मांगों को रखते हुए। राष्ट्रपति जी के नाम A.S.P गाजियाबाद को सौंपा ज्ञापन भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के प्रदेश अध्यक्ष सचिन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा

कि जब तक केंद्र सरकार अध्यादेश वापस नहीं लेती तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा । उन्होंने कहा की आज पूरे प्रदेश में हर जिले के जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जा रहा है ।

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प्रदेश महासचिव ठाकुर मुकेश सोलंकी ने कहा कीआगामी 2 अक्टूबर को यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ऋषि पाल अंबावता जी के आह्वान पर लाल बहादुर शास्त्री जी की समाधि पर किसानों की महापंचायत का आयोजन किया जाएगा
समाधि पर पूरे देश से आए हुए किसानों के समक्ष महापंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी यदि अध्यादेश वापस नहीं किए तो पूरे देश में किसानों का प्रदर्शन तेज किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में कृषि सुधार विधेयक पेश किया। इस दौरान हंगामा के बीच ध्वनिमत से कृषि सुधार विधेयक पास हो गया। पूरे देश में इस बिल को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। भारतीय किसान यूनियन (अ.) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण शर्मा (नीटू) ने कहा कि अच्छा होता सरकार बिल राज्यसभा में पेश करने से पहले देश की विभिन्न किसान संगठनों से मिलकर चर्चा कर लेती और उनके चिंताओं का हल करने के बाद यह बिल लेकर आती।

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भाकियू जिला अध्यक्ष गाजियाबाद अमित कसाना ने कहा कि भारतीय इतिहास में किसान वर्ग सबसे शोषित और अपने अधिकारों से वंचित रहा है। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि किसानों की आय 2022 तक दोगुनी की जाए हम सभी इसके पक्षधर है।

उन्होंने किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को संबल प्रदान किया है लेकिन किसी भी ऐसे बिल और नियम जो किसानों से संबंधित हो जिनका असर दीर्घकालिक हो उसे बिना किसान हितेषी संगठन और कृषि विशेषज्ञों के संयुक्त बैठक के पास नहीं करना चाहिए।

किसान किसी राजनीतिक दल का पिछलग्गू नहीं है। हमने सदैव अपनी मांग अपने बलबूते उठाई है लेकिन आजका बिल अगर किसानों को भरोसे में लेकर पास किया जाता तो बेहतर होता।

हम सभी चाहते है कि किसान बिचौलियों और आढ़ती व्यवस्था से मुक्त हो। प्रधानमंत्री जी के आश्वासन के बाद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद प्रणाली के अंत और निजी कंपनियों द्वारा शोषण के बढ़ने की चिंता हम सबके सामने है।

देश में 80 प्रतिशत छोटे किसान है जिनके लिए तकनीक ऑनलाइन, अनुबंध जैसी चीज किसी अबूझ पहेली जैसा है। इसलिए सबसे पहले किसानों को जागरूक किया जाना चाहिए था इसके लिए सरकार अब भी चाहे तो बड़े स्तर पर जागरूकता कैम्प लगाएं और अन्नदाताओं की चिंताओं के समाधान करें। साथ ही एमएसपी खत्म नहीं होगी इसकी गारंटी दी जाए।

इस मौके पर प्रमुख रूप से राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण शर्मा नीटू प्रदेश महासचिव ठाकुर मुकेश सोलंकी जिला अध्यक्ष अमित कसाना सचिव जितेंद्र कसाना पूर्वी दिल्ली अध्यक्ष योगेश हसनपुरिया जिला उपाध्यक्ष राजकुमार गौड़ पूर्व सभासद जीत पाल कश्यप संजय भाटी नवीन कसाना पं. कैलाश शर्मा धर्मेंद्र चौधरी प्रवीण इंजीनियर रविंद्र चौधरी राम पासवान सुमित पंडित अनुभव चौहान रोहित बालियान लोकेंद्र मलिक महिपाल राणा शौकीन पठान अमित शर्मा टीटू रोहिल्ला सोनू तोमर आदि सैकड़ों किसान कार्यकर्ता उपस्थित रहे

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