आजमगढ़। विद्युत वितरण निगमों के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलित है।

आजमगढ़। विद्युत वितरण निगमों के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलित है।

रविवार को बिजली कर्मचारियों ने बुद्धि-शुद्धि यज्ञ कर सरकार के सदबुद्धि की कामना किया। इसके साथ ही यह भी ऐलान किया कि हड़ताल के दौरान बत्ती काटेंगे तो नहीं लेकिन यदि कहीं फाल्ट होता है

तो उसे ठीक नहीं करेंगे। सोमवार से हड़ताल को लेकर कर्मचारियों ने जहां कमर कस लिया है तो वहीं प्रशासनिक अमला भी रविवार से ही अलर्ट पर रहा।

सभी महत्वपूर्ण सब स्टेशनों पर शासन के निर्देश पर फोर्स की तैनाती कर दी गई तो वहीं मजिस्ट्रेट भी तैनात कर दिए गए है।

विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की कवायद में सरकार जुटी हुई है।
शासन के इस प्रस्ताव के खिलाफ बिजली कर्मचारी आंदोलित है।

विरोध प्रदर्शन का क्रम लगातार चल रहा है तो वहीं सोमवार से बिजली कर्मचारियों ने संपूर्ण हड़ताल पर जाने की घोषणा कर रखा है। रविवार को बिजली कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता आफिस पर बुद्धि-शुद्धि यज्ञ कर सरकार को सदबुद्धि की कामना किया।

इसके साथ ही सोमवार को सभी बिजली कर्मियों को चीफ आफिस पर एकत्र होने का आह्वान किया। जहां कर्मचारी सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही गिरफ्तारी भी देंगे। वहीं शासन के निर्देश पर प्रशासन ने भी कमर कस ली है।

रविवार की सुबह से ही सभी प्रमुख सबस्टेशनों पर पुलिस व पीएसी की तैनाती कर दी गई। नोडल अधिकारी/एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह स्वयं दिन भर सब स्टेशनों का चक्रमण कर व्यवस्थाओं का हाल लेते रहे। उन्होंने बताया कि पॉलिटेक्निक व आईटीआई के सीनियर छात्रों के साथ ही सभी संविदा कर्मियों को सब स्टेशनों पर मुस्तैद कर दिया गया है।

इतना ही नहीं हर सब स्टेशनों पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ ही मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है। वहीं जहां कहीं भी अंदोलित कर्मचारी बिजली व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करेंगे अथवा तालाबंदी आदि करेंगे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा

और एस्मा भी लगाया जा सकता है।
निर्बाध बिजली आपूर्ति रहेंगी सुनिश्चित, प्रभावित करने वालों पर होगी कार्रवाई
आजमगढ़। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बिजली कर्मचारियों के सोमवार से प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने भी कम कस ली है।

निर्वाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पॉलीटैक्निक व आईटीआई के इलेक्ट्रिकड ट ्रेड के पासआऊट छात्रों की उपकेंद्रों पर ड्यूटी लगाई गई है।

साथ ही ठेकेदारी प्रथा के तहत चल रहे सब स्टेशनों पर पारंगत संविदा कर्तियों को जिम्मेदारी दी गई है। कुल 11 प्रमुख उपकेंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। यदि कोई भी बिजली कर्मचारी व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

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