Monday, July 13, 2020

मुंबई: महज 12 दिनों के भीतर दूसरे तूफान ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन की घटना से भी जोड़कर देख रहे हैं। यह माना जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में समुद्री तापमान बढ़ने से शक्तिशाली तूफानों की आवृत्ति बढ़ रही है।

रिसर्चगेट में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक आने वाले समय में भारतीय सुमद्री तटों पर तीव्र तूफानों का प्रकोप बढ़ेगा तथा बारिश में इजाफा होगा। शोध के मुताबिक पिछले 140 सालों (1877-2016) के तूफानों का अध्ययन से तीन बातें साफ होती हैं।

पहली यह कि मानसून के दौरान, पहले और बाद में आने वाले तूफानों की कुल संख्या में गिरावट आई है। दूसरी यह कि देखा गया है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले तूफान पहले की अपेक्षाकृत ज्यादा शक्तिशाली हो रहे हैं। तीसरी यह कि शक्तिशाली तूफानों की आवृत्ति जल्दी-जल्दी हो रही है और तूफान के दौरान होने वाली बारिश भी बढ़ रही है। इसमें 10-15 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान है। जब ये शक्तिशाली तूफान तट से टकराते हैं तो हवा के साथ-साथ भारी बारिश भी होने से नुकसान में इजाफा हो रहा है।

दुनिया की एक तिहाई आबादी पर प्रभाव : 
क्लाईमेट ट्रेंड ने भारतीय समुद्र में लगातार दो तूफानों का विश्लेषण करते हुए कहा कि समुद्र की सतह गर्म होने का परिणाम यह तूफान है। विश्लेषण में कहा गया है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में विश्व के महज सात फीसदी तूफान उत्पन्न होते हैं, लेकिन जिस गति से उनकी ताकत बढ़ रही है, उससे खतरा बढ़ गया है क्योंकि भारतीय महासागर क्षेत्र में दुनिया की एक तिहाई आबादी रहती है। तूफान सीधे इतनी बड़ी आबादी को प्रभावित करते हैं।

 

नोट : ताजातरीन ख़बरों के लिए अभी फॉलो करे newsacb7.com फेसबुक इंस्टाग्राम ट्विटर और यूट्यूब। 

 

अपने मोबाइल पर सबसे पहले नोटिफिकेशन पाने के लिए वेबसाइट में नीचे दिए गए Addtoscreen बटन पर क्लिक करे और पाए सबसे पहले तजा ख़बरों की नोटिफिकेशन आपके मोबाइल पर। 

 

Tags: , , , , , , , ,

0 Comments

Leave a Reply

FOLLOW US

INSTAGRAM

YOUTUBE

Advertisement

img advertisement

Archivies

RECENTPOPULAR

Social

%d bloggers like this: