गृहमंत्रालय के सख्त निर्देश , मास्क पहनना और शारीरिक दूरी बनाये रखने का हो सख्ती से पालन

ब्यूरो रिपोर्ट : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर फेस मास्क पहनने, शारीरिक दूरी रखने और पांच या ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर प्रतिबंध जैसे नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए ताकि देश में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का प्रभावी अमल सुनिश्चित हो सके।

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोग सार्वजनिक स्थलों और कार्य स्थलों पर नहीं थूकें। ज्यादा उम्र के लोगों और ऐसे लोगों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए जिनके बच्चे छोटे हैं। साथ ही कार्य स्थलों पर तापमान की जांच और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शराब, गुटखा और तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध होना चाहिए ताकि लॉकडाउन को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

शीरीरिक दूरी के मानकों का होगा कड़ाई से पालन

पुण्य सलिला ने कहा कि लॉकडाउन में एयरलाइन, रेलवे और सड़क परिवहन प्रतिबंधित रहेगा। टैक्सी, ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा और कैब सेवाएं भी प्रतिबंधित रहेंगी। इसके अलावा सभी शिक्षण एवं संबंधित संस्थान बंद रहेंगे। मॉल और स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स जैसे सार्वजनिक स्थल भी नहीं खुलेंगे और सभी सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम भी प्रतिबंधित रहेंगे। जो स्थान हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन नहीं हैं वहां 20 अप्रैल के बाद चुनिंदा गतिविधियों की इजाजत होगी। लेकिन उन इलाकों में भी वर्तमान निर्देशों और शारीरिक दूरी के मानकों का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित किया जाना है कि कृषि और संबंधित गतिविधियां पूरी तरह जारी रहें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था ज्यादा प्रभावी रूप से काम करे। पुण्य सलिला ने कहा कि निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के कामगारों को आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

20 अप्रैल से मंगा सकेंगे ई-कॉमर्स के जरिये मोबाइल, रेडीमेड गार्मेट्स

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से गुरुवार को स्पष्टीकरण जारी कर बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान 20 अप्रैल से अमेजन, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को मोबाइल फोन, टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, लैपटॉप, रेडीमेड गार्मेट्स और बच्चों के लिए स्टेशनरी जैसी वस्तुओं की बिक्री करने की अनुमति होगी।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इन ई-कॉमर्स कंपनियों को किराने के सामान और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ गैर-आवश्यक वस्तुओं को बेचने की अनुमति भी दे दी गई है। हालांकि इन कंपनियों की डिलीवरी वैनों को सड़कों पर चलने के लिए अधिकारियों से अनुमति हासिल करनी होगी। पहले जारी नोटिफिकेशन में ई-कॉमर्स कंपनियों को सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की अनुमति दी गई थी। लेकिन बुधवार को जारी नई गाइडलाइंस में आवश्यक और गैर-आवश्यक वस्तुओं का विभाजन नहीं किया गया था।

 

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